झालावाड़। झालावाड़ स्टेट में राजेंद्र जनरल अस्पताल और श्रीहीरा कुवंर बा महिला चिकित्सालय बनाए गए थे। सन् 1940 में डॉ. (कैप्टन)पी. एन. भाटिया ने झालावाड़ स्टेट के अधिकारियों एवं जागीरदारों से डोनेशन एकत्रित करके अस्पताल की ओपीडी बनवाई थी। इंटैक चेयरमैन झालावाड़ राज्यपाल शर्मा जानकारी देते हैं कि यह शिलालेख उनके द्वारा हाल ही में खोज लिया गया है। इसके आगे निर्माण कर शटर लगाया गया है। इसी ओपीडी बिल्डिंग के ऊपर हवा की गति नापने और हवा की दिशा दर्शाने के यंत्र स्थापित किए थे। साथ ही इसी इमारत के बगल में वर्षा मापी यंत्र (Rain gauge ) लगा था। एक बॉक्स के अंदर थर्मामीटर लगा था जो तापमान रिकॉर्ड करता था। रेन गेज और थर्मामीटर जहां लगे थे उसको तार की फेंसिंग से घेरा गया था।
राज काका महाराज महीजीत सिंह उन दिनों की याद करते हुए बताते हैं कि कैप्टन भाटिया ब्रिटिश आर्मी में डॉक्टर थे। महाराज राणा भवानी सिंह शिमला से उन्हे लेकर आए थे। वैज्ञानिक प्रयोगों में उनकी बड़ी रुचि थी. उन्होंने ही अस्पताल में मौसम केंद्र की स्थापना की थी तथा नियमित रूप से वह स्वयं उपकरणों से रीडिंग लिया करते थे। इसकी सूचना पृथ्वी विलास पैलेस पर पहुंचाया करते थे।
सेवानिवृत्ति कंपाउंडर मन्नालाल कश्यप बताते हैं कि आजादी के बाद दीपचंद नित्य शाम को 5 बजे इन उपकरणों की रीडिंग लेकर जयपुर प्रेषित करते थे। ओपीडी की वह इमारत आज भी है किंतु मौसम केंद्र के उपकरण अब नहीं है जहां वर्षा मापक यंत्र था उस स्थान पर पटाव कर दिया गया है.ओपीडी की इमारत मे काफी परिवर्तन हो गया है. राजेंद्र सार्वजनिक अस्पताल की संगमरमर की पट्टीका दो टुकड़े होकर भी लगी है। कैप्टन पी. एन.भाटिया द्वारा लगाया गया शिलालेख एक शटर के अंदर बंद है जिस पर अंकित है।







