
झालावाड़। अकलेरा क्षेत्र चंदीपुर में हुए बहुचर्चित रेणु हत्याकांड के आरोपी पति को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 7 दिन के पुलिस रिमांड दिया है। पुलिस इस दौरान आरोपी से फरारी के दौरान उसकाे ठहराने, वाहन उपलब्ध कराने व आर्थिक मदद की, इसका पता लगाने का प्रयास कर रही है।
जांच अधिकारी झालावाड़ डीएसपी हर्षराज सिंह खरेड़ा ने बताया कि पत्नी के हत्या के आरोपी देवीकृपाल ने हत्या के बाद कई जगहों पर फरारी काटी थी। पुलिस उन सभी लोगों की जानकारी भी जुटा रही है, जिन्होंने इस दौरान उसकी मदद की। ऐसे मददगारों को भी आरोपी बनाकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस पत्नी की हत्या में उसके सहयोगी के रूप में और कौन-कौन है, उनका भी पता लगाने के लिए पुलिस की जांच जारी है। होटल व निजी अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी के भांजे की भूमिका संदिग्ध है। फिलहाल कोटा पुलिस ने देवी कृपाल के साथ भांजे कोमल पर भी पुलिस वाहन पर जानलेवा हमला करने और राजकार्य के बाधा के मामले में आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया है। जल्द ही रेणु हत्या कांड मामले में भी पुलिस उसे कोटा से लेकर आएगी और जांच में आरोप सिद्ध होने पर उसे आरोपी बनाकर गिरफ्तार करेगी।
पुलिस ने इस मामले में पति देवीकृपाल को गिरफ्तार किया है, जिसने हत्या को एक हादसा दिखाने की साजिश रची थी। गत 9 नवंबर 2025 को झालावाड़ जिले के अकलेरा थाना क्षेत्र के चंदीपुर में विवाहित रेणु की मौत हुई थी। शुरुआत में इसे सीढ़ियों से गिरने से हुई मौत बताया गया था।
हालांकि, पुलिस को मिले गोपनीय इनपुट और गहन जांच के बाद यह मामला सोची-समझी हत्या का निकला। बताया जा रहा है कि आरोपी देवीकृपाल के कई महिलाओं से अवैध संबंध थे, जिसके कारण पत्नी रेणु से आए दिन झगड़े होते रहते थे।
रेणु हत्याकांड में पीहर पक्ष और ससुराल पक्ष दोनों में से किसी ने भी कोई मामला दर्ज नहीं कराया था और इसे सीढ़ीयों से गिरकर हुई मौत का हादसा मानकर मामला शांत हो गया था। पुलिस ने स्वयं फरियादी बनकर हत्या का मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू कर आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूतों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया।






