
-रेलवे कोटा मंडल की पहल; 300 मेडिकल किट में 13 प्रकार की दवाएं, फोन पर डॉक्टर देंगे सलाह।
कोटा।
ट्रेन में सफर के दौरान तबीयत बिगड़ने पर अब यात्रियों को परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने यात्रियों की सुविधा के लिए ‘मेडिसिन ऑन व्हील्स’ सेवा शुरू की है। इस व्यवस्था के तहत यात्रियों को ट्रेन में ही प्राथमिक उपचार के साथ डॉक्टर की सलाह भी मिल सकेगी।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि इस सेवा के अंतर्गत मंडल के सभी टीटीई को मेडिकल किट उपलब्ध कराई गई है। मंडल में करीब 300 मेडिकल किट वितरित की गई हैं, जिनमें 13 प्रकार की आवश्यक प्राथमिक दवाएं और फर्स्ट एड सामग्री शामिल है। यात्रा के दौरान किसी यात्री की तबीयत खराब होने पर सूचना मिलते ही टीटीई वाणिज्य नियंत्रण कक्ष से संपर्क करता है। इसके बाद रेलवे अस्पताल के डॉक्टर को सूचना दी जाती है। डॉक्टर फोन पर सीधे यात्री से बातचीत कर उसकी समस्या समझते हैं और उसी आधार पर टीटीई को दवा देने के निर्देश देते हैं। इस तरह यात्रियों को ट्रेन में ही टेलीमेडिसिन के माध्यम से उपचार मिल जाता है।
तबीयत गंभीर होने पर अतिरिक्त चिकित्सा सहायता भी-
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यदि किसी यात्री की स्थिति गंभीर होती है, तो नजदीकी स्टेशन पर अतिरिक्त चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे समय रहते उचित इलाज सुनिश्चित हो सके। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि सफर के दौरान अस्वस्थता महसूस होने पर तुरंत टीटीई या रेल स्टाफ को सूचित करें, ताकि समय रहते उपचार मिल सके और यात्रा सुरक्षित व आरामदायक बनी रहे।
सिर्फ 50 रुपए में मिलेगी सुविधा-
रेल मंडल अधिकारियों ने बताया कि मेडिसिन सेवा के लिए मात्र 50 रुपए शुल्क लिया जाएगा। इसमें मेडिसिन प्राथमिक उपचार और डॉक्टर की सलाह शामिल है। गंभीर स्थिति में अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध होगी। ऐसे में बीमारी के चलते लोगों को अपनी यात्रा निरस्त नहीं करनी पड़ेगी। यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत मेडिकल सेवा उपलब्ध होगी।






