
झालरापाटन।
प्रशासन दावा कर रहा है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है उनके पास पर्याप्त मात्रा में गैस सिलेंडर का सटॉक है, लेकिन यही प्रशासन सरकारी रसोई को ही गैस उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। शहर में बस स्टैंड स्थित अन्नपूर्णा रसोई पिछले दो दिनों से बंद है। लोग बाहर गेट पर चस्पा सूचना और ताला देखकर निराश लौट रहे हैं। सूचना में लिखा है कि अन्नपूर्णा रसोई योजना के तहत मात्र ₹8 में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाता है। यह स्थिति उन सैकड़ों मजदूरों, यात्रियों और जरूरतमंदों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है, जो रोज इसी योजना पर निर्भर रहते हैं।
यहां घट गया मेन्यू, खाने के लिए इंतजार भी करना पड़ रहा-
सूरजपोल नाका और सैटेलाइट अस्पताल की रसोई संचालित करने वाले संचालक राकेश भेल के अनुसार, पहले एक थाली में 5 रोटी, चावल और दो प्रकार की सब्जी परोसी जाती थी। लेकिन गैस की कमी के चलते अब व्यवस्था पूरी तरह बदल गई है। अब एक दिन रोटी तो दूसरे दिन चावल परोसा जा रहा है, साथ ही केवल एक ही सब्जी उपलब्ध करवाई जा रही है। इधर गैस एजेंसी संचालक मनोज गुप्ता ने बताया कि इस बार गैस आपूर्ति में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जहां पहले हर महीने करीब 14 हजार सिलेंडर मिलते थे, वहीं 28 मार्च तक एजेंसी को केवल 9,400 सिलेंडर ही प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने बताया कि एजेंसी से लगभग 30 हजार उपभोक्ता जुड़े हुए हैं, ऐसे में कम आपूर्ति और बढ़ती मांग के कारण वितरण व्यवस्था पर जबरदस्त दबाव बन गया है। यही कारण है कि शहर में गैस की किल्लत गहराती जा रही है।






