- वजह यह कि किसी गांव को अधिक तो किसी को काफी कम मिला है मुआवजा, ग्रामीणों और विधायक का कहना कि जब प्रोजेक्ट एक है तो एक जैसा मुआवजा मिलना चाहिए। इसमें भेदभाव बर्दाश्त नहीं होगा
- न्यूज ओरियम, झालावाड़। झालावाड़ के खानपुर उपखंड में परवन बांध परियोजना की नहर खुदाई का काम ग्रामीणों ने रुकवा दिया। खानपुर विधायक सुरेश गुर्जर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मुआवजे में भेदभाव का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन से 7 दिन में दोबारा सर्वे कराने की मांग पर सहमति बनने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
- बड़ी संख्या में ग्रामीण परवन बांध स्थल पर पहुंचे और नहर खुदाई का काम बंद करा दिया। सूचना मिलने पर खानपुर एसडीएम और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। ग्रामीणों ने 7 दिन के भीतर दोबारा सर्वे कराने और आपत्तियों की सुनवाई के लिए तहसीलदार को नियुक्त करने की मांग की। इन मांगों पर सहमति बनने के बाद धरना समाप्त हुआ, लेकिन नहर का काम फिलहाल रुका रहेगा।ग्रामीणों का आरोप है कि खेरखेड़ा गांव के लोगों को 2014 की दरों पर आवासों का मुआवजा मिला है, जो काफी कम है। वहीं, पास के ही एक अन्य खेरखेड़ा गांव (2 किलोमीटर दूर) के लोगों को 2024 की दरों पर भुगतान किया गया है, जो कई गुना अधिक है। ग्रामीणों ने मांग की है कि उनके गांव को भी 2024-25 की दरों के अनुसार ही मुआवजा दिया जाए। उनका कहना है कि कई गांवों में मुआवजे को लेकर विसंगतियां हैं, जिससे ग्रामीणों में रोष है।धरना प्रदर्शन के दौरान खानपुर विधायक सुरेश गुर्जर ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की मांगों पर खानपुर एसडीएम और परवन बांध परियोजना के जिला मुख्यालय के अधिकारियों से चर्चा की। अधिकारियों ने 7 दिन में दोबारा सर्वे कराने का आश्वासन दिया। खानपुर एसडीएम ने यह भी कहा कि ग्रामीणों की सभी समस्याओं को तहसीलदार सुनकर उनका समाधान करेंगे, जिसके बाद काम फिर से शुरू किया जाएगा। इन आश्वासनों के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।







