बारां।बारां में ट्रेडिंग ऐप के जरिए 92.75 लाख रुपए की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है। साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने ‘सीएमसी ग्लोबल मार्केट’ नामक एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप का इस्तेमाल कर लोगों को पहले मुनाफे का लालच दिया और बाद में फॉरेन मनी एक्सचेंज व ट्रेडिंग फीस के नाम पर लाखों रुपए ऐंठे।एसपी अभिषेक अंदासु ने बताया कि प्रताप चौक निवासी विष्णु गालव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 5 सितंबर 2025 को मैसेंजर ऐप पर एक महिला ने खुद को हरमन कौर बताकर उनसे संपर्क किया। महिला ने खुद को अमृतसर निवासी और बेंगलुरु में इंफोसिस की प्रोजेक्ट मैनेजर बताया। इसके बाद व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर बातचीत शुरू हुई।
महिला ने गालव को सीएमसी ग्लोबल मार्केट नामक ट्रेडिंग ऐप में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में 54 हजार रुपए का मुनाफा दिखाकर उनका विश्वास जीता गया। इसके बाद अलग-अलग तारीखों पर पीड़ित और उनकी पत्नी के खातों से आरटीजीएस और ट्रांसफर के जरिए कुल 92.75 लाख रुपए जमा करवा लिए गए।
जब पीड़ित ने अपने पैसे निकालने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उनसे फॉरेन एक्सचेंज फीस और ट्रेडिंग फीस जमा करने का दबाव बनाया। इस पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने साइबर थाने में मामला दर्ज कराया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मध्य प्रदेश के कटनी निवासी एक व्यक्ति को एनजीओ के नाम पर बैंक खाता खुलवाने का झांसा दिया था। उन्होंने उस खाते की पासबुक, सिम और एटीएम अपने कब्जे में लेकर उसे ठगी के नेटवर्क में इस्तेमाल किया। इस खाते के जरिए ठगी गई रकम मुंबई और दुबई तक पहुंचाई जाती थी।
तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय जानकारी के आधार पर पुलिस ने विकास तिवारी (29) और मोहम्मद जिशान (25) को गिरफ्तार किया। दोनों को मध्य प्रदेश की कटनी जेल से प्रोडक्शन वारंट पर बारां लाया गया। पूछताछ में आरोपियों ने फर्जी निवेश का लालच देकर लोगों को ठगने और अलग-अलग खातों के जरिए रकम ट्रांसफर कराने की बात कबूल की।
यह कार्रवाई एएसपी राजेश चौधरी के निर्देशन और साइबर थाना प्रभारी आशा कुंवर सिंह के नेतृत्व में की गई। टीम में राजकांता मीणा, सुकेन्द्र सिंह, दिग्विजय सिंह, मोहनलाल, लक्ष्मण, दिलीप यादव, लोकेश, हुकम सिंह, अशोक परिहार और रानी सहरिया शामिल रहे।
