झालावाड़ शहर की मास्टर कॉलोनी निवासी एक परिवार की शिकायत पर अदालत ने कोतवाली थाना के तत्कालीन सीआई चंद्रज्योति सहित अन्य पुलिसकर्मियों को समन जारी किया है। यह मामला 2 नवंबर 2024 को बिना तलाशी वारंट घर में घुसने, अभद्र व्यवहार करने और मारपीट के आरोपों से जुड़ा है।पीड़िता विद्या मीणा ने कोर्ट में इस्तगासा पेश कर बताया कि उस दिन कोतवाली थाना झालावाड़ से दो पुलिस गाड़ियां उनके घर पहुंची थीं। तत्कालीन थानाधिकारी चंद्रज्योति सहित 5-7 पुलिसकर्मी मौजूद थे। पुलिस ने उनके देवर गोलू उर्फ प्रदीप के बारे में पूछताछ की। परिवार का कहना है कि गोलू उस समय घर पर नहीं था।परिवाद के अनुसार पुलिसकर्मियों ने घर में घुसकर गाली-गलौज की और धक्का-मुक्की की। इस दौरान विद्या मीणा की चूड़ियां टूट गईं और वह गिर गईं। उनके पति, वकील अनिल मीणा के साथ भी मारपीट करने का आरोप है। इसके अतिरिक्त पुलिस पर कथित रूप से झूठे दस्तावेज तैयार करने का भी आरोप है।मामले की गंभीरता को देखते हुए, अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण मामलों की विशेष जज सुनीता मीणा ने तत्कालीन सीआई और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ दण्डनीय अपराध का संज्ञान लिया है। उन्होंने सभी आरोपितों को समन जारी कर कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।इस्तगासा में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिस जांच के तहत पुलिस के घर आने का दावा किया गया था, वह किसी अन्य डिप्टी स्तर के अधिकारी के नाम पर दर्ज थी। इस आधार पर पुलिस कार्रवाई की वैधता पर भी सवाल उठाए गए हैं।पीड़ित पक्ष की ओर से वकील प्रेमचंद मीणा ने अदालत में यह मामला प्रस्तुत किया है। मामले की अगली सुनवाई में आरोपित पुलिसकर्मियों के जवाब और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
मौत के बाद हंगामा, परिजन बोले-चलती बस से फेंका
बीकानेर। बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल में घायल युवक की मौत के बाद हंगामा हो गया। युवक ने सोमवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। परिजन के मुताबिक- युवक…



