जिसे सुपारी दी वाे ही बना परिवादी : इंकार करने पर धमकाया अाैर खाली चेक तक ले लिए, डिजिटल सबूतों से खुला पूरा मामला
झालावाड़।
पुरानी रंजिश में हत्या की बड़ी साजिश काे नाकाम करते हुए खानपुर पुलिस ने वारदात से पहले ही एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने रंजिश में एक व्यक्ति की हत्या करवाने के लिए 7 लाख रुपए की सुपारी देने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस साजिश को विफल कर दिया। खास बात यह है कि अाराेपी ने जिस व्यक्ति काे हत्या की सुपारी दी उसी ने पुलिस काे परिवाद देकर पूरे मामले की जानकारी दी। पुलिस ने इस परिवादी का नाम गाेपनीय रखा है।
एसपी अमित कुमार ने बताया कि 5 अप्रैल को खानपुर थाने में एक पीड़ित ने उसकी हत्या की सुपारी देने के मामले में परिवाद दिया था। इस पर पुलिस सतर्क हाे गई अाैर एएसआई जितेंद्र कुमार ने मामले की जांच करने के बाद खानपुर थाने में मामला दर्ज किया। इसके बाद खानपुर डीएसपी गरिमा जिंदल के सुपरविजन में विशेष टीम गठन किया गया। टीम ने मामले की जांच कर डिजिटल सबूतों के आधार पर पूरे मामले का खुलासा करते हुए आरोपी लाखाखेड़ी, खानपुर निवासी धनराज उर्फ धन्नजी पुत्र सियाराम मीणा को गिरफ्तार कर लिया।
सुपारी किलर को धमकियां देकर दबाव बनाने लगा अाराेपी
जब परिवादी ने दुर्गाशंकर नागर की हत्या जैसे जघन्य अपराध को करने से इंकार कर दिया तो आरोपी ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। साथ ही कहा कि काम नहीं करने पर उससे डेढ़ गुना रकम वसूल करेगा। अाराेपी ने उससे जबरन खाली चेक भी ले लिए। इधर, परिवादी को डर था कि आरोपी किसी भाड़े के हत्यारे से वारदात करवा सकता है। इसलिए वह पुलिस के पास पहुंच गया और मामले की जानकारी दी।

डिजिटल सबूत बने मामले के खुलासे की मजबूत कड़ी
1. हत्या की साजिश का खुलासा करने में पुलिस को डिजिटल सबूतों से बड़ी मदद मिली। जांच के दौरान परिवादी द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल फोन की तकनीकी जांच की गई। मोबाइल में आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच हुई बातचीत की कई ऑडियो रिकॉर्डिंग मिलीं, जिनमें आरोपी ने हत्या की साजिश और सुपारी की पेशकश की।
2. पुलिस ने इन ऑडियो रिकॉर्डिंग का तकनीकी विश्लेषण करवाया और वॉइस एनालिसिस के जरिए आवाज की पुष्टि की। साथ ही बातचीत का पूरा ट्रांसक्रिप्ट भी तैयार किया गया, जिससे साजिश से जुड़ा पूरा घटनाक्रम स्पष्ट हो गया।
3. इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को आरोपी की भूमिका के पुख्ता प्रमाण मिले, जो जांच में अहम कड़ी साबित हुए।
रंजिश के चलते पहले भी दर्ज हुए हैं दाे मामले
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी धनराज मीणा के पिता सियाराम मीणा और दुर्गाशंकर नागर के बीच भी पहले विवाद हो चुके हैं। इसको लेकर वर्ष 2023 में खानपुर और कोतवाली झालावाड़ थाने में केस दर्ज हुए थे। 2025 में भी गाली-गलौज और धमकी के मामले सामने आए थे।
