झालावाड़
जिले में अपराध नियंत्रण को मजबूत बनाने झालावाड़ पुलिस ने नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत हिस्ट्रीशीटर और हार्डकोर अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी के लिए “हिस्ट्रीशीटर व हार्डकोर अपराधी पर्यवेक्षण प्रकोष्ठ”””” का गठन किया है। यह प्रकोष्ठ ऐसे अपराधियों के खिलाफ दर्ज मामलों, उनकी गतिविधियों और पुलिस कार्रवाई की नियमित मॉनिटरिंग करेगा। इसकाे लेकर सभी थानों को निर्देश दिए गए हैं कि हिस्ट्रीशीटर या तीन से अधिक मामलों में शामिल अपराधियों के खिलाफ नया मामला दर्ज होने पर उसकी सूचना 24 घंटे के भीतर कार्यप्रणाली शाखा को देनी अनिवार्य होगी।
क्या है हिस्ट्रीशीटर व हार्डकोर अपराधी पर्यवेक्षण प्रकोष्ठ
एसपी ने हिस्ट्रीशीटर और गंभीर अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी के उद्देश्य से विशेष पर्यवेक्षण प्रकोष्ठ का गठन किया है। यह प्रकोष्ठ जिले में सक्रिय अपराधियों से संबंधित सभी मामलों का रिकॉर्ड संधारित करेगा। साथ ही थानों से प्राप्त जानकारी के आधार पर अपराधियों की गतिविधियों पर नियमित नजर रखी जाएगी। उनके खिलाफ दर्ज मामलों, जांच की स्थिति और की गई कार्रवाई की समीक्षा भी समय-समय पर की जाएगी, जिससे अपराध नियंत्रण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हाेगी।
लापरवाही पर जवाबदेही भी हाेगी तय
यदि किसी हिस्ट्रीशीटर या गंभीर अपराधी के खिलाफ नया मामला दर्ज होता है तो उसकी सूचना 24 घंटे के भीतर देना अनिवार्य होगा। सूचना निर्धारित प्रारूप में कार्य प्रणाली शाखा को भेजनी होगी। रिपोर्ट में आरोपी का नाम, अपराध का प्रकार, दर्ज एफआईआर, और अन्य आवश्यक विवरण शामिल होंगे। आदेश की अवहेलना या सूचना देने में लापरवाही होने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
नई व्यवस्था के यह हाेंगे 3 बड़े फायदे
1. त्वरित कार्रवाई: गंभीर मामलों में जांच की गति तेज होगी।
2. डेटा बैंक: पुलिस के पास हर गिरोह और सक्रिय इलाके की सटीक जानकारी होगी।
3. प्रभावी पैरवी: कोर्ट में लंबित मामलों की बेहतर मॉनिटरिंग से सजा दिलाने में आसानी होगी।
8 महीने में 52 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली
जिला पुलिस ने पिछले 8 महीने में गंभीर अपराध में लिप्त 52 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली है। इसमें मादक पदार्थाें के 22 तस्कर भी हैं। थानांतर्गत कोतवाली थाना झालावाड़ में 10, झालरापाटन में 7, भवानीमंडी में 5, पिड़ावा में 4, रायपुर, अकलेरा व सदर थाने में 3-3, बकानी, रटलाई, सुनेल, भालता, मंडावर व उन्हैल में 2-2, मनोहरथाना, असनावर, पगारिया व खानपुर में 1-1 आरोपी की हिस्ट्रीशीटर खोली है।
खास बात यह…हिस्ट्रीशीटर व हार्डकोर आरोपियों के केस की सीआई अाैर एसआई करेंगे जांच
नई व्यवस्था के तहत हिस्ट्रीशीटर व हार्डाकोर अारोपियों के खिलाफ दर्ज हाेने वाले प्रकरणों की जांच थानाधिकारी व द्वितीय अधिकारी करेंगे। आरोपी के खिलाफ सबूत जुटाकर मामले को अभियोजन की दृष्टि से ठोस बनाया जाएगा। साथ ही आरोपी अग्रिम जमानत लेने का प्रयास करता है तो तथ्यों के आधार पर उसकी जमानत खारिज करवाने का प्रयास करेंगे।
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हमने जिले के सभी थानाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हार्डकोर और आदतन अपराधियों का रिकॉर्ड अपडेट करें। इस डेटा बैंक से हमें यह समझने में मदद मिलेगी कि कौन सा गिरोह किस इलाके में सक्रिय है। रिकॉर्ड में कमी पाए जाने पर संबंधित थानाधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
– अमित कुमार, एसपी, झालावाड़

