अब ‘फाइनेंशियल ईयर’ और ‘असेसमेंट ईयर’ की जगह सिर्फ एक ही ‘टैक्स ईयर’ होगा. इससे कन्फ़्यूजन कम होगा और टैक्स कैलकुलेशन आसान बनेगा.अब साधारण आईटीआर (आईटीआर-1 और आईटीआर-2) की फ़ाइलिंग की डेडलाइन 31 जुलाई होगी. बिजनेस/प्रोफ़ेशन वाले आईटीआर की डेडलाइन (ITR-3 और ITR-4) 31 अगस्त तक होगी.इसके अलावा ऑडिट वाले केस/कंपनियों के लिए ये 31 अक्तूबर तक होगी. कुछ स्पेशल केस में डेडलाइन 30 नवंबर तक रहेगी रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की समयसीमा भी बढ़ाई गई है.टैक्स ईयर के अंत से 12 महीने तक, कुछ फीस के साथ रिवाइज्ड रिटर्न फ़ाइल किए जा सकेंगे.






