झालावाड़। एससी-एसटी काेर्ट की विशिष्ठ न्यायाधीश सुनीता मीणा ने एक युवती की हत्या के पांच साल पुराने मामले में आरोपी को सोमवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपी ने गांव की ही एक युवती की चाकू से वार कर सिर्फ इसलिए हत्या कर दी थी कि परिजनों ने उसका रिश्ता तय कर दिया था।
विशिष्ठ लोक अभियोजक महेश कुमार पाटीदार ने बताया कि 8 अक्टूबर 21 को मृतका के पिता ने पिड़ावा थाने में रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया कि उसकी बेटी महावीर के खेत पर अपनी सहेलियों के साथ मजदूरी करने गई थी। इस दौरान वह शौच करने गई तभी आरोपी जुबेर पुत्र जमील उसका पीछा करते हुए वहां पहुंचा और उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया, जहां विशिष्ठ लोक अभियोजक महेश कुमार पाटीदार ने राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए प्रकरण में 29 गवाह व 59 दस्तावेज साक्ष्य के रूप में पेश किए। इनके आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
हत्या के बाद आराेपी ने थाने आकर किया था समर्पण
आरोपी जुबेर ने युवती की हत्या करने के बाद स्वयं पिड़ावा थाने पहुंचा और अपना गुनाह कबूल करते हुए समर्पण कर दिया था। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह युवती के परिजनों द्वारा उसका रिश्ता दूसरी जगह तय कर देने की बात से नाराज था। इससे क्षुब्ध होकर उसने युवती की हत्या कर दी थी।
वारदात के बाद गांव में लगाना पड़ा था 10 थानों का जाब्ता
युवती की धारदार हथियार से हत्या करने पर क्षेत्र में तनाव की स्थिति हो गई थी। मौके पर 10 थानों की पुलिस का जाब्ता रहा। लोगों ने प्रदर्शन किए। सोशल मीडिया पर अफवाहों का दौर रहा। दो दिन तक गांव पुलिस छावनी बना रहा था।






