काेतवाली पुलिस ने तीन मोबाइल चाेरों को पकड़ा तो ब्लाइंड मर्डर का हुआ खुलासा, हत्या का मामला दर्ज
झालावाड़. डेढ़ महीने पहले बाघेर के जंगल में क्षत विक्षत हालत में मिले खेड़ा हरिगढ़ गांव निवासी तेजपाल के शव की गुत्थी सुलझ गई है। उसको किसी जंगली जानवर ने नहीं मारा था। बल्कि तीन लोगों ने उसकी हत्या कर उसकी लाश को जंगल में िछपा दिया था और मोबाइल-मोटरसाइकिल लूट लिए थे। शुक्रवार को झालावाड़ कोतवाली पुलिस ने मोबाइल चोरी में पकड़े तीन आरोपियों से पूछताछ के बाद इसका खुलासा किया।
कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को तीन संदिग्धों को मोबाइल छीनने के मामले में हिरासत में लेकर पूछताछ की। जिसमें आरोपियों ने तेजपाल की हत्या कर उसकी मोटरसाइकिल व मोबाइल लूटना स्वीकार किया।
जिसकी सूचना सारोला पुलिस को दी गई। साराेला पुलिस ने तीनों आरोपी खेड़ा हरीगढ़ निवासी सुरेंद्र पुत्र रामगोपाल, नरेंद्र पुत्र रामगोपाल व गोकुल पुत्र द्वारकालाल से गहन पूछताछ की तो तेजपाल उर्फ भैरूलाल की हत्या करना स्वीकार किया। आरोपियों ने हत्या के बाद लाश को जंगल में छिपा दिया था। पुलिस ने संदिग्ध हालत में मौत के मामले को हत्या में दर्ज कर जांच खानपुर थानाधिकारी को सौंपी है।
एक फरवरी को मिला था क्षत-विक्षत शव
एसपी अमित कुमार ने बताया कि 1 फरवरी को सारोलाकलां पुलिस को बाघेर के जंगल मे एक व्यक्ति की लाश पड़ी होने की मोबाइल पर सूचना मिली थी। सारोला थानाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और कपड़े से उसकी पहचान कराई। जिसमें शव की पहचान खेड़ा हरीगढ़ खानपुर निवासी तेजपाल उर्फ भैरूलाल पुत्र जगदीश धाकड़ के रूप में हुई। मौके पर मृतक के भाई ने जंगल में बैठकर नशा करते समय किसी जंगली जानवर द्वारा हमला करने या अन्य किसी कारण से उसकी मौत होने की आशंका जताई। मृतक की बाइक व मोबाइल भी मौके पर नहीं मिले थे। सारोला पुलिस ने संदिग्ध मौत का मामला दर्ज कर जांच के लिए डीएसपी गरिमा जिंदल की देखरेख में सारोला थानाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठन किया था।






