पर्दे के पीछे वह कहानी जो अब तक अनसुनी रही
पर्दे के पीछे: फिल्म की शूटिंग में छुपी वो सच्चाई जो दर्शक कभी नहीं देख पाते
जयपुर. फिल्मों में जब हम किसी एक्शन सीन, रोमांटिक गाने या इमोशनल डायलॉग को देखते हैं तो लगता है कि सब कुछ बेहद आसान और खूबसूरत है। लेकिन कैमरे के पीछे की हकीकत अक्सर बिल्कुल अलग होती है।
हाल ही में एक बड़े बजट की फिल्म की शूटिंग के दौरान सेट पर मौजूद एक क्रू मेंबर ने बताया कि पर्दे के पीछे कई बार ऐसी परिस्थितियाँ बन जाती हैं जिनका अंदाजा दर्शकों को कभी नहीं होता।
एक रोमांटिक गाने की शूटिंग के दौरान हीरो और हीरोइन को बारिश में नाचते हुए दिखाया गया। पर्दे पर यह सीन बेहद खूबसूरत दिखाई देता है, लेकिन असल में उस सीन को शूट करने में करीब 14 घंटे लग गए।
बारिश असली नहीं थी, बल्कि बड़े-बड़े पाइप और टैंकर से पानी गिराया जा रहा था। ठंड में बार-बार भीगने की वजह से कलाकारों और डांसर्स को कई बार ब्रेक लेना पड़ा।
सेट पर मौजूद एक तकनीशियन ने बताया कि एक सीन को परफेक्ट बनाने के लिए कई बार 20-25 टेक भी लेने पड़ते हैं। कई बार कलाकार थक जाते हैं, लेकिन कैमरा बंद नहीं होता क्योंकि हर सीन में करोड़ों रुपये का खर्च जुड़ा होता है।
सबसे ज्यादा मेहनत उन लोगों की होती है जिनके नाम स्क्रीन पर शायद ही कभी आते हैं—लाइटमैन, स्पॉट बॉय, कैमरा असिस्टेंट और सेट डिजाइनर। शूटिंग खत्म होने के बाद भी ये लोग घंटों तक सेट समेटने का काम करते हैं।
कई बार ऐसा भी होता है कि किसी कलाकार का छोटा सा सीन शूट करने के लिए पूरी टीम को रात भर काम करना पड़ता है। दर्शकों को दो मिनट का जो सीन दिखता है, उसके पीछे कई दिन की मेहनत होती है।
फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि सिनेमा सिर्फ स्टारडम नहीं है, बल्कि यह सैकड़ों लोगों की मेहनत और धैर्य का नतीजा होता है।






