झालावाड़. भीषण गर्मी और लू (हीट वेव / हीट स्ट्रोक) के बढ़ते खतरे को देखते हुए पीएचसी झुमकी को “हीट वेव रेडिनेस हेल्थ फैसिलिटी” के रूप में विकसित किया गया है। यह पहल सीएमएचओ डॉ. साजिद खान एवं बीसीएमओ डॉ. सुनील मीणा के मार्गदर्शन में चिकित्सा अधिकारी डॉ. शुभम पाटीदार ने शुरू की है। इसके अंतर्गत अस्पताल और समुदाय दोनों स्तरों पर लू से बचाव के लिए अनेक नवाचार प्रारंभ किए गए हैं। पीएचसी झुमकी में हीट स्ट्रोक जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें स्कूल के बच्चे, अभिभावक, अस्पताल स्टाफ तथा गांव से आए नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में लू (हीट स्ट्रोक) के कारण, लक्षण, बचाव और प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी गई तथा हीट स्ट्रोक की स्थिति में क्या करना चाहिए इसका लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी कराया गया।
पीएचसी झुमकी परिसर में मरीजों और परिजनों के लिए ग्रीन नेट लगाकर छायादार “कूल कॉर्नर / ठंडी छाया केंद्र” बनाया गया है, जिससे तेज धूप में आने वाले लोगों को राहत मिल सके। परिसर के पेड़-पौधों को गर्मी से सुरक्षित रखने के लिए पाइपलाइन से नियमित सिंचाई व्यवस्था की गई है तथा पक्षियों के लिए पानी के परिंडे भी लगाए गए हैं।
अस्पताल में लू और तापघात के मरीजों के लिए विशेष हीट स्ट्रोक बेड आरक्षित किया गया है तथा एक हीट स्ट्रोक मेडिकल किट तैयार की गई है, जिसमें थर्मामीटर, आईवी फ्लूड, ऑक्सीजन, मॉनिटर, आइस पैक तथा अन्य आवश्यक आपातकालीन सामग्री उपलब्ध रखी गई है। अस्पताल के स्टाफ को भी हीट स्ट्रोक की पहचान और उपचार के लिए प्रशिक्षित किया गया है।






