झालावाड़। झालावाड़ जिले में वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा के तहत प्रस्तावित मोरी (तहसील बकानी) और सोयला (तहसील रायपुर) कृत्रिम जलाशय परियोजनाओं को लेकर प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। उच्च अधिकारियों की एक टीम ने दोनों प्रस्तावित स्थलों का दौरा कर परियोजनाओं की तैयारियों और प्रगति का विस्तृत निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान एडीशनल चीफ इंजीनियर डी.एन. शर्मा, एसई अजीत कुमार जैन और विभागीय अभियंता मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर भू-स्थिति, जल संग्रहण की संभावनाओं और निर्माण से जुड़ी प्रारंभिक प्रक्रियाओं का जायजा लिया। अतिरिक्त मुख्य अभियंता शर्मा ने निर्देश दिए कि ये परियोजनाएं क्षेत्र की जल समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, इसलिए इन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र शुरू किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि इन जलाशयों के निर्माण से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, जिससे फसल उत्पादन में वृद्धि होगी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता भी बेहतर होगी, जिससे स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी। ये परियोजनाएं विशेष रूप से उन इलाकों के लिए लाभकारी होंगी जहां लंबे समय से जल संकट बना हुआ है।तकनीकी पहलुओं पर भी अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने सर्वे कार्य को जल्द पूरा कर जलाशय की क्षमता निर्धारित करने के लिए कैपेसिटी टेबल तैयार करने को कहा। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले बोरो एरिया में मिट्टी की गुणवत्ता और जियो-टेक्निकल जांच अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि भविष्य में कोई तकनीकी समस्या न आए।निरीक्षण के दौरान यह भी निर्देशित किया गया कि सभी प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं और कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया, ताकि परियोजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से हो सके।







