. झालावाड़ । केंद्र सरकार ने डेरी एवं पशुधन विकास के लिए अपने बजट में पिछले पाँच वर्षों में दो सौ प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की है। केंद्रीय डेरी एवम् पशुधन विकास मंत्री राजीव सिंह ने सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान झालावाड़-बारां सांसद दुष्यंत सिंह के प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी। सांसद सिंह डेरी विकास के संबंध में हाल के वर्षों में बजट अनुमान एवं संशोधित अनुमानों को लेकर सवाल किया था। उन्होंनें पूछा कि डेरी एवं पशुधन विकास के लिए उपलब्ध राशि का कुशलता पूर्वक समयबद्ध उपयोग हो रहा है या नहीं।पशुधन विकास मंत्री ने स्वीकार किया कि पिछले दो वर्षों में वैक्सीन की उपलब्धता में कमी से बजट का उपयोग भी कम ही हुआ है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2021-22 में इस मद पर 2930.04 करोड़ के मुक़ाबले वर्ष 2026-27 में 5873.15 करोड़ की राशि के प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि उपलब्ध राशि के प्रभावी कार्यान्वयन और उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय संचालन समिति की बैठकों में नियमित समीक्षा की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पशुओं की नस्ल सुधार, रोग नियंत्रण , डेरी प्रसंस्करण और अवसंरचना विकास के लिए विभिन्न योजनाओं पर प्रभावी कार्य हो रहा है। सांसद सिंह ने डेरी क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को बजट आवंटन में प्राथमिकता देने का विषय भी प्रभावशाली तरीके से उठाया। उन्होंने न्यूनतम कार्बन उत्सर्जन के लिए गायों की देशी नस्ल के विकास पर भी चर्चा की।






