झालावाड़ राष्ट्रीय लोक अदालत में एम.ए.सी.टी प्रकरण, एन.आई. एक्ट, पारिवारिक मामलों एवं विद्युत राशि बकाया मामलों के प्रकरण आपसी राजीनामें से हुए निस्तारित
आज दिनांक 14.03.2026 को राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार सम्पूर्ण झालावाड़ न्याय क्षेत्र में श्री आलोक सुरोलिया अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) झालावाड़ के मार्गदर्शन में जिले में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, 138 एन.आई. एक्ट प्रकरण, धन वसूली से संबंधित प्रकरण, मोटर वाहन दुर्घटना प्रकरण, पारिवारिक विवादों, राजस्व प्रकरणों आदि से संबंधित प्रकरणों की राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर श्रीमति शशि गजराना सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झालावाड़ ने आमजन को लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों का समझौते एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से निस्तारण करवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत समझौते के आधार पर वादों के निस्तारण का सर्वोत्तम माध्यम है। लोक अदालत से ना सिर्फ समय एवं धन की बचत होती है अपितु उनके मध्य सौहार्द भी बना रहता है। लोक अदालत द्वारा प्रकरण का निस्तारण समझौते के माध्यम से किया जाकर वैधानिक निर्णय दिया जाता है जो कि अंतिम एवं सभी पक्षों पर बाध्यकारी होता है।
श्रीमती गजराना ने बताया की राजीनामे के माध्यम से लोक अदालत में प्रकरण रखने के बाद दोनो पक्षों में राजीनामा होने पर हाथों हाथ प्रकरण का निस्तारण हो जाता हैं जिससे पक्षकार का अनावश्यक न्यायालय के चक्कर नही लगाने पडतें। लोक अदालत एक ऐसा माध्यम है जिससे राजीनामें के माध्यम मुकदमो का निस्तारण तो होता ही हैं एवं लोक अदालत मे निस्तारित होने वाले प्रकरणों की अपील भी नही होती हेैं।
झालावाड़ न्याय क्षैत्र मे आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत मे लम्बित प्रकरणों में से 51 हजार से अधिक प्रकरणों का लोक अदालत बैंचों द्वारा आपसी राजीनामें से निस्तारण किया जाकर 9 करोड़ से अधिक राशि के अवार्ड पारित किये गये।






