झालावाड़। झालावाड़ जिले में वीबी-जीरामजी (मनरेगा) योजना से जुड़े कनिष्ठ तकनीकी सहायकों ने शुक्रवार को जिला परिषद में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला परिषद के एक्सईएन को पुनः चेतावनी ज्ञापन सौंपा। सहायकों ने मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की और चेतावनी दी कि यदि समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस प्रदर्शन के लिए प्रशासन से स्वीकृति भी मिली थी।मनरेगा कार्मिक संघ (जेटीए) के जिलाध्यक्ष राकेश मीणा ने बताया कि पंचायत राज विभाग ने 3 अप्रैल को एक आदेश जारी किया था। इस आदेश में कनिष्ठ तकनीकी सहायकों और जेईएन के बीच कार्य विभाजन के लिए क्लस्टर आवंटन की व्यवस्था की गई थी। यह व्यवस्था ग्रामीण कार्य निर्देशिका 2025 के अनुसार लागू की गई थी, जिसमें ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज की योजनाओं का कार्य पूर्व व्यवस्था के अनुसार करने के निर्देश थे।
विभाग के मंत्री को भी ज्ञापन भेजा हालांकि विभाग ने 14 अप्रैल को इस आदेश को स्थगित कर दिया, जिससे कनिष्ठ तकनीकी सहायकों में असंतोष बढ़ गया। इसी के विरोध में जिलेभर के सहायकों ने जिला परिषद के माध्यम से ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री किरोड़ीलाल मीणा को ज्ञापन भेजा है।ज्ञापन में मांग की गई है कि 3 अप्रैल के आदेश को निरस्त कर पूर्व में प्रचलित एसओपी के अनुसार कनिष्ठ अभियंता और कनिष्ठ तकनीकी सहायकों को समकक्ष मानते हुए क्लस्टर आवंटित किए जाएं। इसके साथ ही, ग्रामीण विकास और पंचायती राज की सभी योजनाओं का कार्य पूर्व व्यवस्था के अनुसार जारी रखने की मांग भी की गई है। इस विरोध प्रदर्शन में कनिष्ठ तकनीकी सहायक संघ झालावाड़ के जिलाध्यक्ष राकेश मीणा, उपाध्यक्ष लोकेश धन्वंतरि और पूर्व अध्यक्ष ब्रजेश गौतम सहित अन्य सभी साथी मौजूद रहे।



