झालावाड़। झालावाड़ आयुर्वेद विभाग ने आयुर्वेदिक कर्मचारियों को नई डिजिटल प्रणाली के संचालन और उसके फायदों की जानकारी दी। इसका उद्देश्य आयुर्वेद चिकित्सा सेवाओं को अधिक सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाना था।कार्यक्रम का शुभारंभ उपनिदेशक डॉ. ओमप्रकाश शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ आधुनिक तकनीक को अपनाना आवश्यक है, जिससे मरीजों को बेहतर और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।सहायक जिला निदेशक डॉ. दुर्गालाल सस्ता ने प्रशिक्षण को विभाग के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि नई डिजिटल प्रणाली से कार्यों में पारदर्शिता आएगी और निगरानी व्यवस्था भी मजबूत होगी। डॉ. सस्ता ने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ लेने का आह्वान किया।मुख्य प्रशिक्षक डॉ. आरिफ मंसूरी ने बताया कि जिले के 44 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) केंद्रों पर कार्यरत कुल 76 चिकित्सा अधिकारियों और नर्स-कम्पाउंडरों को अलग-अलग समूहों में प्रशिक्षण दिया गया। इसमें रोगी पंजीकरण, उपचार विवरण और दवा वितरण की प्रक्रियाओं को डिजिटल माध्यम से संचालित करना सिखाया गया।इस प्रशिक्षण के माध्यम से आयुर्वेद सेवाओं का डिजिटल रूपांतरण प्रभावी होगा, जिससे डॉक्टर और मरीज के बीच समन्वय बेहतर होगा। कार्यक्रम के अंत में, प्रतिभागियों ने इस पहल को स्वास्थ्य सेवाओं में एक सकारात्मक कदम बताते हुए इसे प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प लिया।



