
झालावाड़।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष आलोक सुरोलिया ने शुक्रवार को जिला कारागृह झालावाड़ का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान उन्होने बंदियों को दिए जाने वाले नाश्ते, भोजन एवं आर ओ सिस्टम आदि के बारे मे जारनकारी ली। उन्होंने बन्दी से वार्ता कर उनकी आयु, प्रकरण की प्रगति रिपोर्ट एवं प्रकरण मे पैरवी करने के लिए अधिवक्ता की उपलब्धता के बारे मे जानकारी ली। जिन बंदियों ने स्वयं के प्रकरण में अधिवक्ता नही होना बताया उको निशुल्क विधिक सहायता के प्रार्थना पत्र भरवाकर उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बन्दियों का जमानत प्रार्थना पत्र सम्बन्धित न्यायालय मे पेश करवाने के लिए सम्बन्धित को निर्देश दिए। उन्होंने बन्दियों को आहार चार्ट अनुसार ही भोजन, नाश्ता एवं अन्य खाद्य वस्तुऐं, बन्दियों को समाचार पत्र, धार्मिक पुस्तके, प्रेरणादायक पुस्तके उपलब्ध करावाने के लिए कारागृह प्रशासन को निर्देशित किया।
निरीक्षण के दोरान बैरकों में साफ-सफाई, बिजली, पानी आदि व्यवस्थाओं का जायजा लिया एवं बैरको में बन्दियों की संख्या अनुसार पंखे टयुब्लाइट लगाने के लिए कारागृह प्रशासन को निर्देश दिए। कारागृह निरीक्षण के दौरान जिला एवं न्यायाधीश ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण समाज के कमजोर एवं पिछड़े वर्ग को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करता है जिसके अन्तर्गत महिलाओं, बच्चे, अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के लोगों, दिव्यांगों, न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध व्यक्तिों एवं जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रू. से कम है उन्हें निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इस दौरान जेल अधीक्षक निरन्जन शर्मा, जेलर लोकाउज्जवल सिंह, आशुलिपिक राजेन्द्र सिंह, वरिष्ठ सहायक विनोद गौड एवं अंकित शर्मा उपस्थित रहे।
