डीएपी का सस्ता और असरदार विकल्प बना एसएसपी, किसानों को मिल रहा अधिक लाभ



झालावाड़ में बढ़ रहा एसएसपी का उपयोग, फसलों की गुणवत्ता और आय में हो रही बढ़ोतरी

झालावाड़। सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) एक बहु-पोषक स्वदेशी उर्वरक है, जिसमें लगभग 16 प्रतिशत फॉस्फोरस, 11 प्रतिशत सल्फर एवं 18-21 प्रतिशत कैल्शियम पाया जाता है। राजस्थान के उदयपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा एवं कोटा जिलों में इसका उत्पादन होता है, जबकि झालावाड़ जिले में इसका उपयोग सर्वाधिक है, जहां किसान प्रति वर्ष लगभग 65-75 हजार मैट्रिक टन एसएसपी का प्रयोग करते हैं। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि वर्तमान में महंगे डीएपी (डाई अमोनियम फॉस्फेट), जिसमें 18 प्रतिशत नाइट्रोजन एवं 46 प्रतिशत फॉस्फोरस होता है, का अधिकतर हिस्सा विदेशों से आयात किया जाता है, जिससे सरकार पर सब्सिडी का भार बढ़ता है। साथ ही इसके अत्यधिक उपयोग से मृदा स्वास्थ्य खराब होता है और पोषक तत्वों का संतुलन बिगड़ता है। जिले की मृदाओं में जिंक एवं आयरन की कमी को देखते हुए एसएसपी अधिक उपयोगी साबित हो रहा है।

डीएपी के स्थान पर एसएसपी और यूरिया का मिश्रण (3 बैग एसएसपी व 1 बैग यूरिया) उपयोग करने से किसानों को लगभग 12 किग्रा नाइट्रोजन, 16.5 किग्रा सल्फर, 0.75 किग्रा जिंक एवं 27-32 किग्रा कैल्शियम अतिरिक्त प्राप्त होता है। यदि ये पोषक तत्व अलग-अलग उर्वरकों से दिए जाएं तो किसानों को लगभग 2000 रुपए से अधिक अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है, जबकि एसएसपी के उपयोग से लागत कम होती है और आर्थिक बचत होती है।

एसएसपी फसलों में जड़ों के विकास, ऊर्जा निर्माण, बीज उत्पादन एवं प्रोटीन-तेल निर्माण में सहायक है। इसमें उपस्थित सल्फर तिलहनी एवं मसाला फसलों (जैसे सरसों, जीरा, धनिया, लहसुन आदि) की गुणवत्ता, सुगंध एवं तीखापन बढ़ाता है। वहीं कैल्शियम मृदा सुधारक के रूप में कार्य करते हुए मृदा की संरचना को बेहतर बनाता है और हानिकारक तत्वों को कम करता है।

वर्तमान में फोर्टीफाइड एसएसपी भी उपलब्ध है, जिसमें जिंक, बोरॉन एवं मैग्नीशियम जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व भी शामिल होते हैं, जो फसलों की गुणवत्ता एवं उत्पादन को और बढ़ाते हैं। आज के समय में मृदा में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को देखते हुए एसएसपी का उपयोग और भी अधिक लाभकारी है।

कृषि विभाग द्वारा एसएसपी के उपयोग को बढ़ावा देने एवं किसानों को जागरूक करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर कृषक गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें इसके लाभ, सही उपयोग एवं मृदा स्वास्थ्य सुधार में इसकी भूमिका की जानकारी दी जा रही है।

इस प्रकार सिंगल सुपर फॉस्फेट एक किफायती, प्रभावी एवं मृदा स्वास्थ्य सुधारने वाला उर्वरक है, जो न केवल उत्पादन बढ़ाता है बल्कि किसानों की लागत कम कर उनकी आय में भी वृद्धि करता है।
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