चुनाव आयोग आज शाम 4 बजे पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल,असम और पुडुचेरी राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीख का ऐलान करेगा। बंगाल, असम, तमिलनाडु में 2-2 फेज में और केरल, पुडुचेरी में सिंगल फेज में चुनाव कराए जाने के आसार हैं। पिछली बार बंगाल में 8 चरणों में चुनाव हुए थे। असम में 3 और तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में सिंगल फेज में वोटिंग हुई थी। पश्चिम बंगाल में 7 करोड़ वोटर हैं। असम में 2.4 करोड़, तमिलनाडू में 5.6 करोड़, केरल में 2.6 करोड़,पुडुचेरी में 8.4 करोड़ वोटर हैं। 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। असम राज्य में 10 साल से भाजपा की सरकार है। पार्टी तीसरे चुनाव जीतने की तैयारियों में जुटी हु़ई है, लेकिन कांग्रेस ने यहां भाजपा को रोकने के लिए 10 पार्टियों के साथ गठबंधन किया हुआ है जिसमें वामपंथी और क्षेत्रीय दल शामिल हैं। असम में बांग्लादेश, घुसपैठियों,सीमा सुरक्षा, असमिया पहचान जैसे मुद्दे हैं। भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस ने 10 पार्टियों के साथ गठबंधन किया है। इसमें वामपंथी और क्षेत्रीय दल शामिल हैं। तमिलनाडू देश का ऐसा इकलोता राज्य है जहां पिछले 60 बीजेपी और कांग्रेस की सरकार नहीं बनी है। जेपी जयललिता की पार्टी एआईएडीएमके से गठबंधन कर सकती है। इधर सुपरस्टार विजय की पार्टी टीवीके भी मैदान में हैं।केरल: देश का इकलौता राज्य है, जहां अभी भी लेफ्ट सत्ता में है। यहां सत्ता बदलने की परंपरा रही है, लेकिन 2021 में वाम मोर्चा (LDF) ने इस ट्रेंड को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। कांग्रेस गठबंधन की कोशिश इस बार एंटी इनकम्बेंसी को कैश करानी की रहेगी।
वहीं, BJP अब तक केरल में एक भी विधानसभा सीट नहीं जीत पाई है। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां उसने त्रिशूर लोकसभा सीट जीती थी। इसके अलावा दिसंबर 2025 में भी BJP ने पहली बार त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम) नगर निगम का चुनाव जीता।पुडुचेरी: 2021 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद AINRC-BJP गठबंधन ने सत्ता हासिल की और एन. रंगास्वामी एक बार फिर मुख्यमंत्री बने। यह पहली बार था जब BJP सत्ता में सीधे तौर पर भागीदार बनी। इस बार कांग्रेस DMK के साथ गठबंधन में वापसी की कोशिश कर रही है और सरकार गिरने के मुद्दे को एंटी-इनकम्बेंसी में बदलना चाहती है।






